Jan 19, 2009

कला को इस सब राजनीति से अलग रखना चाहिए????

शनिवार की शाम को IBN ७ पर एक परिचर्चा आ रही थी जिसका मुद्दा था पाकिस्तानी कलाकारों को भारत से निकालना सही है या ग़लत? कुछ भाग लेने वाले कलाकारोंका मत था की अब २६ नवम्बर की घटना के बाद पाकिस्तान के कलाकारों को भारत से निकाल देना चाहिए, और कुछ कलाकारों के मत था की कला को इस सब राजनीति से अलग रखना चाहिए.

इस विषय में मैं कुछ मूर्धन्य कलाकारों से पूछना चाहता हूँ की अगर तुम्हारा पड़ोसी तुम्हारे भाई को मार दे तो भी तुम उस पड़ोसी के भाई की शादी में जा के गाना गाओगे ? क्योंकि कला को तो हमें अलग रखना चाहिए.!!!!
इस राष्ट्र के चाहे कितने भी टुकरे हो जाए पर कला या कलाकारों को इससे कोई मतलब नहीं उन्हें तो यह चिंता है पाकिस्तानी कलाकारों को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए.


क्या देश के बिना कला या ऐसे कलाकार रह पाएंगे ???

आप क्या सोचते हैं? जरुर बताएं ...

जिज्ञासु नागरिक,
सौरभ शर्मा

3 comments:

  1. desh hit se badi koi chiz nahi hai...na kalakar aur na sarkar..
    muhari sarkar jo kuch kar nahi saki,sirf dekh rahi hai ki koi aur desh Pakistan ko sudhar de...
    jab humla humare upar hua to hume unhe sabak sikhana chaihe na ki kisi ke kuch karne ka intezar..aise sabhi kalkaro se hindustan ka sambangh nahi hona chaiye jo pakistan ke saath hai...

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  2. Bahut achchha savaal uthaya hai. mujhe pakistani kalakaron ko bhagane se jyada unko bulane par aetraaj hai. kya hamare desh me kalakaron ki kami hai jo hum unhe bulakar sar par bithate hain aur jarurat se jyada sammaan dete hain.unke foohad hasya ko dekhkar mujhe apne tv channel walon ki neeyat par shak hota hai.

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  3. निश्चित रूप से कला और राजनीती को बिल्कुल पृथक रखना चाहिए.एक शुष्क ह्रदय के दांव हैं तो दूसरा शुद्ध ह्रदय की पावन सलिला.

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