Feb 17, 2009

हरिद्वार यात्रा --२ रा भाग


हरिद्वार यात्रा --२ रा भाग
पहली कड़ी यहाँ है।

पहले कुछ टिप्पणियों के जवाब, यात्रा की कुल दूरी थी ३०० कि. मी। हमने हरिद्वार पहुँचने में समय लिया ६ घंटे। आपकी टिप्पणियों के लिए धन्यबाद। अगली सुबह ( ०१ फरवरी ) को हम सो कर उठे तो ताज़ा महसूस कर रहे थे । मैं और पापा हम लोग जल्दी से हर कि पौडी कि तरफ भागे क्योंकि आरती हो रही थी। जल्दीबाजी में मैं कैमरा साथ लेना भूल गया । फ़िर वापस होटल में आकर कैमरा निकला और घाट पे आकर कुछ फोटो खींच ली। घाट पे सुबह- सुबह ठंडी ठंडी हवा चल रही थी। वहां इस शुद्ध हवा का आनन्द लिया क्योंकि दिल्ली में तो अब यह एहसास लेना मुश्किल हो गया है। फ़िर कुछ चाय पीकर हम जिस प्रयोजन से यहाँ आए थे उस केलिए चल दिए। एक नाई हमें रास्ते में ही मिल गया और हम मुंडन घाट पे पहुँच गये। और नाई मोल भावः करके शुरू हो गया। राघव ने जो रोना शुरू किया तो बस हम सब का बुरा हाल था मेरी बहन कि गोदी में तो वोह संभल ही नहीं पा रहा था फ़िर पापा ने भी पकड़ा तब जाके उसका मुंडन हो पाया। फ़िर नाई और पंडित को शगुन दिया और हम चल दिए ब्रह्म घाट पे नहाने के लिए। पहले राघव और मेरे भांजे ईशान को नहलाया गया। कितना ठंडा पानी था ...... पैर पानी में डालते ही सुन्न हो रहे थे। मैंने तो ४ -५ डुबकी लगा ली। वैसे डुबकी लगाने के बाद फ़िर ठण्ड नहीं लगी। सब ने ऐसे ही जल्दी जल्दी नहाया फ़िर गंगा जी कि पूजा की। पूजा में फूल और दूध को गंगा जी में प्रवाहित किया गया।
मैं सोच रहा था कि हमारी पूजा में दूध का क्या महत्व है फ़िर ध्यान आया इससे नदी को स्वच्छ रखने में सहायता मिलती है इसलिए हमारे ऋषि मुनियों ने यह प्रावधान किया। फ़िर ३ कैन गंगा जी का जल भरा गया ले जाने के लिए । इन सब में १२:०० बज चुके थे इतने में पता चला कि हमारे होटल के सामने सड़क ख़ुद रही है सीवर डालने के लिए तो हमको अपनी गाड़ी निकालनी पड़ेगी और हम बिना नास्ता किए जल्दी जल्दी सामान गाड़ी में डाल हरिद्वार से विदा ली।

वापसी में हाई वे न लेकर फ़िर गंगा नहर के किनारे का ही रास्ता पकड़ा हरिद्वार से सीधे मुरादनगर नगर जा पहुंचे। यह रास्ता आराम से निकल गया क्योंकि इस रास्ते पे ज्यादा ट्रैफिक नहीं था। गाजियाबाद में घुसते ही ट्रैफिक जाम शुरू हो गया। पर अब मन को तस्सली थी कि अब तो घर पहुंचे ही वाले हैं । वैशाली में बहन को उतार कर हम अपने प्यारे घर पहुंच गए......