Feb 17, 2009

मेरा वैलेंटाइन डे ...

मेरा वैलेंटाइन डे ...
१४ फरवरी को मैंने भी वैलेंटाइन डे मनाया पर कुछ अलग अंदाज में!!!
असल में १४ फ़रवरी को मेरी कंपनी ने फॅमिली डे का आयोजन किया था। पहले मेरा वहां जाने का मन नहीं था क्योंकि मेरी श्रीमती जी की तबियत ठीक नहीं थी पर प्रभु इच्छा से वोह ठीक हो गई और उनके ही जोर देने पर मन बना की चलो चलेंगे। सुबह घर का कार्य निबटा नास्ता करने बैठे थे की मेरे कॉलेज का दोस्त आगया उसके लैपटॉप में कुछ प्रॉब्लम थी, सो उसको देखने लगे उसमे ही १२ बज गए जबकि फॅमिली डे का प्रोग्राम १२ बजे से ही शुरू था और वोह भी महरोली- गुडगाँव रोड पर एक फार्म हाउस में। एक बार तो लगा की जाने का कुछ फायदा ही नहीं होगा क्योंकि घर से वहां तक पहुंचने में ही २ घंटे लग जायेंगे। पर श्रीमति जी और मम्मी के कहने पर हम तयार हुए। बेटे राघव को भी तयार किया और हम १:३० बजे घर से निकल पड़े। ३ बजे के करीब हम आयोजन स्थल पे पहुँच गए।

वहां पहुँच के पता चला की हम पीली टीम में हैं और अब खेल में भाग लेना है। मैं वन लेग रेस और तग वार में भाग लिया और दोनों ही खेलों में दुसरे नम्बर पे रहे। और भी खेल हुए। बड़ा मजा आया। शाम को तम्बोला खेला गया और फ़िर पुरस्कार दिए गए हमारे सी ई ओ की पत्नी द्बारा। हरएक बच्चे को कुछ न कुछ दिया गया। मेरे बेटे राघव को भी गिफ्ट मिला।

फ़िर डिनर का भी प्रावधान था पर समय अधिक होने के कारण हम वहां से ९:१५ निकल गए। सही में ऐसा वैलेंटाइन डे उस दिन से पहले नहीं मनाया था। मैं तो सोच रहा था की वैलेंटाइन मनाने का इससे अच्छा कोई तरीका नहीं है। अपने दोस्तों के बीच मस्ती खेल कूद और बहुत सारा मजा । क्या इससे अच्छा तरीका है कोई ?

जिज्ञासु
सौरभ शर्मा