Mar 1, 2009

यमुना नदी या नाला

इस शनिवार (२८ फरवरी ) को मैं ऑफिस से आरहा था तो मेट्रो जैसे ही कश्मीरी गेट स्टेशन से निकल कर शास्त्री पार्क की तरफ़ बढ़ी और पुल के उप्पर पहुँची तो एक छोटे से बच्चे ने अपनी माँ से कहा की देखो कितना बड़ा नाला !!! तब माँ ने उसको बताया की नहीं बेटा यह नाला नहीं यह तो वो पवित्र नदी है जिसके किनारे कृष्ण भगवान् पले बड़े हैं इसका नाम यमुना नदी है। वोह लड़का भी आश्चर्य से देखने लगा उसको विश्वास नहीं हो रहा था। मैं भी सोचने लगा की क्या यह अब भी नदी है। जिसमे मछली भी जिन्दा नहीं रह सकती है जबकि इतिहास गवाह है की सभी सभ्यताएं नदियों के किनारे ही पली बड़ी हैं। दिल्ली का भी इतिहास इसलिए सदियों पुराना है क्योंकि यह इस यमुना नदी के किनारे है। आज यह जीवनदायनी नदी की बजाये एक नाला बन कर रह गई है। हर साल सरकार करोडो रूपये इसकी सफाई पर खर्च करती है (ऐसा दावा तो किया ही जाता है ) फ़िर भी स्थिति ख़राब ही हो रही है



सरकार कब इस बारें में सच्चाई से सोचेगी और इस पवित्र यमुना नदी का उद्धार हो पायेगा ....

जिज्ञासु
सौरभ शर्मा