Mar 24, 2009

क्या ख़ूबसूरत हैं

ख़ूबसूरत हैं वोह लब
जो प्यारी बातें करते हैं
ख़ूबसूरत है वोह मुस्कराहट
जो दूसरों के चेहरों पर भी मुस्कान सजा दे
ख़ूबसूरत है वोह दिल
जो किसी के दर्द को समझे
जो किसी के दर्द में तडपे
ख़ूबसूरत हैं वोह जज्बात
जो किसी का एहसास करें
ख़ूबसूरत है वोह एहसास
जो किसी के दर्द में दवा बने
ख़ूबसूरत हैं वोह बातें
जो किसी का दिल न दुखाएं
ख़ूबसूरत हैं वोह आंसू
जो किसी के दर्द को महसूस करके बह जाए
ख़ूबसूरत हैं वोह हाथ
जो किसी को मुश्किल वक्त में थाम लें
ख़ूबसूरत हैं वोह कदम
जो किसी की मदद के लिए आगे बढें !!!!!
ख़ूबसूरत है वोह सोच
जो किसी के लिए अच्छा सोचे
ख़ूबसूरत है वोह इन्सान
जिस को खुदा ने ये
खूबसूरती अदा दी

-- जिज्ञासु
सौरभ शर्मा

3 comments:

  1. कितना खूबसूरत लिखा है आपने ...

    ख़ूबसूरत है वोह एहसास
    जो किसी के दर्द में दवा बने......सच में बहुत खूबसूरत

    मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति

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  2. क्या सौरभ खूबसूरत है , यह रचना खूबसूरत है मेरे भाई ।

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  3. सुन्दर सुन्दर अति सुन्दर!!!!

    बहुत ही "खूबसूरत" विचार हैं. :)

    ~जयंत

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