Mar 27, 2009

नव संवत्सर २०६६ की शुभ कामनायें

सबसे पहले आप सभी को नव संवत्सर २०६६ की शुभ कामनायें !!!
आज चैत्र शुक्ल प्रतिपदा है यानि भारतीय नव वर्ष का प्रथम दिन ।बसंत ऋतु में जब हर तरफ हरियाली छा जाती है मौसम सुहाना हो जाता है और प्रकृति नई अंगडाई लेती है तभी नया भारतीय संवत शुरू होता है खेतों में नई फसल की उमंग, पतझर के बाद वृक्ष पे भी नए पत्ते आ जाते हैं, यह सब हमे याद दिलाता है की हर दुःख के बाद सुख है , हर रात के बाद सुबह है , गम के बाद खुशी है , लगता है प्रकृति भी जैसे नव वर्ष का अभिनन्दन कर रही हो। वातावरण में हर तरफ़ खुशियाँ ही खुशियाँ , उल्लास का माहोल....


किंतु अफ़सोस लोगो को आज के दिन फुर्सत ही नही है नए साल का अभिवादन करने की। अंग्रेजी सभ्यता से इतने रुबरु हो गए है की भारतीयता तो जैसे भूल ही गए है।
आज सुबह सुबह मैंने अपने कई दोस्तों और पारिवारिक मित्रों को एस एम् एस (SMS) द्वारा शुभ कामनाएं दी, पर जैसी उम्मीद थी केवल कुछ ही लोग समझ पाए की यह किस अवसर पर शुभ कामनायें भेजी है !!! विश्व के लगभग सभी देश अपने अपने कैलंडर के अनुसार नववर्ष मनाते हैं पर हम भारतीय तो महान है जहाँ लोगो को अपना नववर्ष भी नहीं पता की कब आता है ।

इस शुभ अवसर पर ईश्वर से प्रार्थना है की यह नव संवत्सर आपके जीवन में नव उमंग, नव उत्साह, नव चेतना और नव खुशियों का संचार करें।

शुभ कामनाओं सहित
सौरभ शर्मा

1 comment:

  1. नववर्ष की आपको भी शुभकामनाएँ।
    भारत के विभिन्न प्रान्तों में अलग अलग दिन नववर्ष मनाया जाता है।
    घुघूती बासूती

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