Jul 30, 2009

वृक्ष और नर नारी



पुरूष (नर) और नारी में जो भिन्नता है उसको समझने के लिए एक उदाहरण लेते हैं। अगर दोनों को हम वृक्ष के जैसा समझे तो वोह वृक्ष जो झुकते नहीं है तन के खड़े रहते हैं वोह नर और जो झुक जाते हैं वोह नारी । मेरी इस उपमा को स्वीकार करते हो?

कौन से वृक्ष झुकते हैं ? - जो फलों से लदे होते हैं और नारी को ही फल यानि बच्चे होते हैं , और विभिन्न परिस्तिथियों में नारी ही झुकती हैं। परन्तु नर तन कर परिस्तिथियों का सामना करते हैं । सो नर और नारी को वृक्ष से रूपित करना सही हैं ना !!!!!

परन्तु यह हम सब जानते हैं कि जब आंधी आती हैं तो जो वृक्ष झुकते नहीं हैं वोह टूट जाते हैं जबकि जो वृक्ष फलों से लदे होते हैं और झुक जाते हैं वोह आंधी को सह जाते हैं । उसी तरह जब आंधी जैसी विकट परिस्तिथि आती हैं तो नारी तो सह जाती हैं परन्तु हम नर उसको सह नहीं पाते। उन परिस्तिथियों में हमें शक्ति स्वरूपा नारी के पास ही जाना पड़ता हैं ।

कैसी लगी आपको यह उपमा ?

आपका जिज्ञासु
सौरभ शर्मा