May 26, 2010

वीर सावरकर


आज ऑफिस से आते हुए एक सूचना पट पर देखा की वीर सावरकर जी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में एक कवि सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। देख के यह जिज्ञासु मन सोचने लगा की इस महान स्वतंत्रता सेनानी के बारे में हमें कितनी कम जानकारी मिलती है। क्योंकि सावरकर जी एक विशेष राजनीतिक दल के सदस्य नहीं थे इसलिए उनके बारे में बच्चो को पढाया ही नहीं जाता । क्या भारत का इतिहास किसी राजनीति दल का मोहताज है ?
क्या भारत का सवतंत्रता संग्राम पूरे देश का न होके केवल एक राजनितिक दल का कार्यकर्म था की जिसने इस दल के साथ काम नहीं किया तो उसका योगदान इतना कम हो गया की वोह इतिहास की किताब से ही गायब कर दिया गया?

शर्म आनी चाहिए हम लोगों को .... सावरकर जैसे देश भक्तो को भूल गये ....

आपका जिज्ञासु
सौरभ शर्मा

Mar 26, 2010

अमिताभ बच्चन और विवाद

सदी के महानायक को राजनितिक विवाद में घसीटा गया जो मेरे को अच्छा नहीं लगा। इस सारे विवाद पर अलग अलग लोगों के विचार पढने और सुनने के बाद मेरी कुछ जिज्ञासा हैं। वोह मैं यहाँ रख रहा हूँ।

१ अगर महाराष्ट्र सरकार को अमिताभ जी से ऐसी परेशानी थी तो उन्हें निमंत्रित ही क्यों किया गया । और निमंत्रित कर लिया तो फिर उनका अपमान क्यों किया ? क्या यही हमारी अतिथि देवो भव: की भावना है ?

२ अमिताभ जी किसी व्यक्ति के ब्रांड एम्बेसडर नहीं है वोह एक भारतीय राज्य के ब्रांड एम्बेसडर हैं फिर उनको व्यक्ति से क्यों जोड़ा जा रहा है ?

३ क्या यह कार्यक्रम किसी राजनितिक दल का था ? यह एक सरकारी कार्यक्रम था तो फिर राजनितिक दल (कांग्रेस ) के नेता को क्या आपत्ति है अमिताभ जी को सरकारी कार्यक्रम में निमंत्रित करने में ?

आपका जिज्ञासु
सौरभ शर्मा

Mar 22, 2010

DCE या DTU

DCE या DTU
कुछ दिनों से सोच रहा था की इस विवाद पर कुछ लिखूं । आज समय मिल पाया। दिल्ली इन्जिनीरिंग कॉलेज, जिसको अब दिल्ली सरकार ने दिल्ली टेक्नीकल युनीवेर्सिटी बना दिया है, एक जाना पहचाना नाम है तकनीकी शिक्षा क्षेत्र में। मैं भी इंजीनियरिंग स्नातक रहा हूँ सो यह मुद्दा अपना सा लगता है । गत वर्ष जब दिल्ली की शीला आंटी की सरकार ने दिल्ली टेक्नीकल युनिवेर्सिटी बनाने की घोषणा की तभी लगा की इसकी क्या जरुरत थी। दिल्ली में पहले से ही गुरु गोबिंद सिंह इन्द्रप्रस्थ विश्वविद्यालय है जिसकी स्थापना तकनिकी संस्थान के रूप में की गई थी। फिर एक और तकनिकी विश्वविद्यालय की क्या जरुरत??

स्टुडेंट्स की यह बात बिलकुल जायज है की DCE का नाम बदल कर सरकार ने गलत किया है । DTU तो ऐसा लगता है जैसे UPTU (उत्तर प्रदेश तकनिकी विश्वविद्यालय) जैसा एक आम विश्वविद्यालय है जो पहले से ही बदनाम है । DCE जो पहले केद्रीय विश्वविद्यालय (दिल्ली विश्वविद्यालय) के अंतर्गत था अब DTU बन के दिल्ली सरकार के अंतर्गत आगया है ।

यह कोई भी सोच सकता है इससे किसको फ़ायदा हुआ या होगा । विद्यार्थियों का तो बिलकुल नहीं ! !
हाँ अब दिल्ली सरकार अपने लोगों को DTU की प्रबंधन समिति में रख सकती है चाहे उनका तकनिकी शिक्षा से कोई लेना देना न हो!!!

मैं DTU द्वारा अख़बारों में दिए गये विज्ञापन के बाद भी विद्यार्थियों की मांगों से सहमत हूँ। उनको न्याय मिलना ही चाहिए।

आपका
सौरभ

Feb 3, 2010

Jan 20, 2010

वसंत पंचमी की शुभ कामनाएं

वसंत पंचमी की शुभ कामनाएं

वसंत पंचमी के इस शुभ अवसर पर प्रार्थना है की माँ सरस्वती हमें सुबुद्धि एवं ज्ञान प्रदान करे।
यह वसंत आप सभी के जीवन में नव उल्लास व उमंग का संचार करे।

आपका,
सौरभ शर्मा

Jan 7, 2010

दिल्ली का कोहरा

आज सुबह उठकर बाहर देखा तो लगा किसी पहाड़ी स्थान पे हैं । हर तरफ कोहरा ही कोहरा !
यहाँ तक की जब ऑफिस के लिए निकले तब भी घना कोहरा था चारों तरफ। बाराखम्बा रोड पे पहुंचे अपने ऑफिस के लिए तो यहाँ की बिल्डिंग कोहरे में झाँख रही थी ।
एक ऐसी ही बिल्डिंग का नजारा


आपका
सौरभ शर्मा

Jan 1, 2010

नूतन वर्ष अभिनन्दन

नूतन वर्ष अभिनन्दन

आप सभी को नव वर्ष २०१० की शुभ कामनायें ।