May 26, 2010

वीर सावरकर


आज ऑफिस से आते हुए एक सूचना पट पर देखा की वीर सावरकर जी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में एक कवि सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। देख के यह जिज्ञासु मन सोचने लगा की इस महान स्वतंत्रता सेनानी के बारे में हमें कितनी कम जानकारी मिलती है। क्योंकि सावरकर जी एक विशेष राजनीतिक दल के सदस्य नहीं थे इसलिए उनके बारे में बच्चो को पढाया ही नहीं जाता । क्या भारत का इतिहास किसी राजनीति दल का मोहताज है ?
क्या भारत का सवतंत्रता संग्राम पूरे देश का न होके केवल एक राजनितिक दल का कार्यकर्म था की जिसने इस दल के साथ काम नहीं किया तो उसका योगदान इतना कम हो गया की वोह इतिहास की किताब से ही गायब कर दिया गया?

शर्म आनी चाहिए हम लोगों को .... सावरकर जैसे देश भक्तो को भूल गये ....

आपका जिज्ञासु
सौरभ शर्मा

4 comments:

  1. Aapne bilkul sahi parshan uthaya hai. Main aaj hi apne bachchon ko Savarkar ke bare me bataunga...

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  2. सौरभ जी जिस देस के लोग बौद्धिक गुलाम हो चुके हों उस देश के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने वाले क्रांतिकारियों का यही हश्र होता है अन्त में क्रांतिकारियों का अपमान ही कारण बनता है उस देश के गर्त में जाने का।
    अभी भी वक्त है आओ मिलकर देशहित में आगे बढ़े सेकुलर गिरोह की फूट डालो और राज करो के षडयन्त्र का पर्दाफाश कर

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  3. सुनील जी , बिलकुल सही कहा आपने, हम लोगों को ही मिल कर अपने देश के लिए कुछ करना पड़ेगा.

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  4. Jisakaa Raaj,
    Usakaa Saaj!!!!

    Sharm ki baat to hai,
    par kyaa karen, inhe to aati nahin...

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