Jun 24, 2015

Bhagwat Gita ch. 1 - v -2

Bhagwat Gita
सन्जय उवाच
द्रष्ट्वा तु पाण्डवानीकं व्यूढं दुर्योधनस्तदा |
आचार्यमुपसन्ग्म्य राजा वचनमब्रवीत || २ ||

Sanjay uvacha:
Drstva tu pandavanikam vyudham duryodhanstada acharyam  upasangamya raja cachanam abravit
Ch. 1 – verse 2

संजय बोले :
हे राजन, पांडवों की व्यूह रचना देख कर दुर्योधन ने अपने आचार्य के पास जा कर उनसे कहा