Jul 22, 2015

Bhagwad Gita Ch. 1 Verse - 26

Bhagwad Gita

तत्रापश्यत्स्थितान्पार्थः पितृनथ पितामहान् |
आचार्यन्मातुलान् भ्रातृन् पुत्रान् पौत्रान् सखिन्स्त्था |
श्वशुरान् सुह्रदश्रैव सेनयोरुभयोरपि || २६ ||

वहां पार्थ नें उस सेना में अपने पिता के भाईयों, पितामहों (दादा), आचार्यों, मामाओं, भाईयों, पुत्रों, मित्रों, पौत्रों, श्वशुरों (ससुर), संबन्धीयों को दोनो तरफ की सेनोओं में देखा। || १ – २६ ||