Jul 23, 2015

Bhagwad Gita Ch. 1 - Verse 27

Bhagwad Gita

तान्समीक्ष्य स कौन्तेय: सर्वान्बन्धूनवस्थितान् |
कृपया परयाविष्टो विषीदन्निदमब्रवीत् || २७ ||

इस प्रकार अपने सगे संबन्धियों और मित्रों को युद्ध में उपस्थित देख अर्जुन का मन करुणा पूर्ण हो उठा और उसने विषाद पूर्वक कृष्ण भगवान से यह कहा। || १ – २७ ||