Jul 27, 2015

Bhagwad Gita Ch. 1 - verse 29

Bhagwad Gita

वेपथुश्च शरीरे मे रोमहर्षश्च जायते |
गाण्डीवं स्रंसते हस्तात्त्वक्चैव परिदह्यते || २९ ||

मेरा शरीर काँपने लगा है, मेरे हाथ से गाण्डीव धनुष गिरने को है, और मेरी सारी त्वचा मानो आग में जल उठी है। || १ – २९ ||