Jul 29, 2015

Bhagwad Gita Ch. 1 - verse 31

Bhagwad Gita

न च श्रेयोऽनुपश्यामि हत्वा स्वजनमाहवे |
न काङ्क्षे विजयं कृष्ण न च राज्यं सुखानि च  || ३१ ||

मुझे अपने ही स्वजनों को मारने में किसी भी प्रकार का कल्याण दिखाई नहीं देता। हे कृष्ण, मुझे विजय, या राज्य और सुखों की इच्छा नहीं है।  || १ – ३१ ||