Jul 16, 2015

Bhagwat Gita Ch. 1 – verse 22

Bhagwat Gita

अर्जुन उवाच
सेनयोरुभयोर्मध्ये रथं स्थाप्य मेsच्युत |
यावदेतान्निरिक्षेऽहं योद्ध्कामानवस्थितान कैर्मया सह योद्धव्यमस्मिन् रणसमुद्यमे || २२ ||

Ch. 1 – verse 22

अर्जुन बोले:
हे अच्युत, मेरा रथ दोनो सेनाओं के मध्य में स्थापित कर दीजिये ताकी मैं युद्ध की इच्छा रखने वाले इन योद्धाओं का निरीक्षण कर सकूं जिन के साथ मुझे युद्ध करना है।