Aug 6, 2015

Bhagwat Gita Ch. 1 - verse 39

Bhagwat Gita

कुलक्षये प्रणश्यन्ति कुलधर्माः सनातनाः |
धर्मे नष्टे कुलं कुत्स्न्मधर्मोsभिभवत्युत || ३ ||

कुल के क्षय हो जाने पर कुल के सनातन (सदियों से चल रहे) कुलधर्म भी नष्ट हो जाते हैं। और कुल के धर्म नष्ट हो जाने पर सभी प्रकार के अधर्म बढने लगते हैं। || ||