Aug 12, 2015

Bhagwat Gita ch. 1 verse 42

Bhagwat Gita

दौषैरेतैः कुलध्नानां वर्णसंकरकारकैः |
उत्साद्यन्ते जातिधर्माः कुलधर्माश्च शाश्वताः || ४२ ||

इस प्रकार वर्ण भ्रष्ट कुलघातियों के दोषों से उन के सनातन कुल धर्म और जाति धर्म नष्ट हो जाते हैं।  || ४२ ||