Aug 20, 2015

Bhagwat Gita Ch. 1 - Verse 45

Bhagwat Gita

यदि मामप्रतीकारमशस्त्रं शस्त्रपाणयः  |
धार्तराष्ट्रा रणे हन्युस्तन्मे क्षेमतरं भवेत्  || ४५ ||

यदि मेरे विरोध रहित रहते हुये, शस्त्र उठाये बिना भी यह धृतराष्ट्र के पुत्र हाथों में शस्त्र पकडे मुझे इस युद्ध भूमि में मार डालें, तो वह मेरे लिये (युद्ध करने की जगह) ज्यादा अच्छा होगा।  || ४५ ||