Oct 20, 2015

Bhagwat Gita Ch. 2 - verse 51

Bhagwat Gita

कर्मजं बुद्धियुक्ता हि फलं त्यक्त्वा मनीषिणः |
जन्मबन्धविनिर्मुक्ताः  पदं गच्छन्त्यनामयम् || २ -  ५१ ||


इस बुद्धि से युक्त होकर मुनि लोग किये हुए काम के फल को त्याग देते हैं |
इस प्रकार जन्म बंधन से मुक्त होकर वे दुःख से परे स्थान प्राप्त करते हैं || २ – ५१ ||