Oct 23, 2015

Bhagwat Gita Ch. 2 verse 52

Bhagwat Gita

यदा ते मोहकलिलं बुद्धिर्व्यतितरिष्यति |
तदा गन्तासि निर्वेदं श्रोतव्यस्य श्रुतस्य च || २ -  ५२ ||


जब तुम्हारीं बुद्धि अन्धकार से उप्पर उठ जाएगी तब क्या सुन चुके हो 
और क्या सुनने वाले है उससे तुम्हे कोई मतलब नहीं रहेगा  || २ – ५२  ||